छत्तीसगढ़

बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक, कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार

Shantanu Roy
21 Jan 2026 6:44 PM IST
बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक, कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार
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छग
Raipur. रायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल पारिवारिक या व्यक्तिगत आयोजन तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना एवं न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” इसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसे शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ अपना रहे हैं। इस प्रेरणादायी पहल के अंतर्गत सहायक शिक्षक प्राची पाठक साहू ने शासकीय प्राथमिक शाला रैता, विकासखंड धरसींवा में अपने पुत्र के जन्मदिवस को अनोखे और सराहनीय तरीके से मनाया। उन्होंने विद्यालय के बच्चों के साथ केक काटकर, फल एवं पौष्टिक आहार का वितरण किया और अपने परिवार की खुशी को बच्चों के साथ साझा किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान, उल्लास और अपनत्व से भर उठा।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने जन्मदिन के गीत गाए और पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में भाग लिया। केक काटने के समय बच्चों के चेहरों पर जो खुशी और चमक दिखाई दी, वह इस बात का प्रमाण थी कि छोटी-छोटी पहलें भी बच्चों के जीवन में बड़ी सकारात्मक ऊर्जा भर सकती हैं। प्राची पाठक साहू ने बच्चों को स्वच्छता, पोषण और शिक्षा के महत्व के बारे में भी सरल शब्दों में समझाया।
उन्होंने कहा कि “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” केवल एक योजना नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और संवेदनशीलता को बढ़ाने का माध्यम है। शासकीय कर्मचारी यदि अपने जीवन के विशेष अवसर बच्चों, जरूरतमंदों और समाज के कमजोर वर्गों के साथ साझा करें, तो इससे न केवल सामाजिक समरसता बढ़ती है, बल्कि बच्चों के मन में भी अपनापन और आत्मविश्वास विकसित होता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में विद्यालय के प्रति सकारात्मक भावनाएँ उत्पन्न होती हैं। साथ ही प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के उद्देश्यों को भी मजबूती मिलती है, क्योंकि बच्चों को पोषण के साथ-साथ भावनात्मक सहयोग भी प्राप्त होता है।
उल्लेखनीय है कि “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत जिले में कई शासकीय कर्मचारी अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य पारिवारिक अवसरों को स्कूलों, आंगनबाड़ियों और सामाजिक संस्थानों में मनाकर समाज को नई दिशा दे रहे हैं। यह पहल न केवल बच्चों के लिए खुशी का कारण बन रही है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ कर रही है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि खुशियाँ बाँटने से ही बढ़ती हैं और जब ये खुशियाँ बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बनकर उभरती हैं, तो उनका मूल्य और भी बढ़ जाता है।
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